प्रकृति देवो भवः
प्रकृति रक्षक का लोगो प्रकृति रक्षक Prakriti Rakshak प्रकृति, समाज और राष्ट्र के लिए कार्यरत स्वैच्छिक संस्था

स्वैच्छिक संस्था · चम्बा, हिमाचल प्रदेश

प्रकृति की रक्षा ही
सच्ची राष्ट्र सेवा है Prakriti Rakshak — a citizens' organisation protecting nature and building responsible communities

प्रकृति रक्षक हिमाचल प्रदेश के चम्बा क्षेत्र से शुरू हुई एक स्वैच्छिक संस्था है। हम पहाड़ों, नदियों और जंगलों की रक्षा के लिए काम करते हैं — पौधे लगाकर, सूखते जल स्रोतों को फिर से जीवित करके, गाँवों को कचरा-मुक्त बनाकर, और उन हाथों को रोज़गार से जोड़कर जो सदियों से इस धरती के साथ जीना जानते हैं।

हमारा काम किसी दफ़्तर से नहीं, गाँव की पगडंडियों से चलता है। हर अभियान में स्थानीय लोग, विद्यार्थी, शिक्षक, किसान और कारीगर साथ खड़े होते हैं।

एक नज़र में At a glance

कार्यक्षेत्र / Working area
चम्बा और आसपास के गाँव, हिमाचल प्रदेश
मुख्य क्षेत्र / Focus
पर्यावरण, शिक्षा, आजीविका, महिला सशक्तिकरण, वरिष्ठ नागरिक सेवा
पंजीकरण / Registration
Reg. No. 17/2025 — भारतीय ट्रस्ट अधिनियम 1882 के अंतर्गत
पंजीकृत कार्यालय / Registered office
IGNOU Road, नई दिल्ली – 110030
संपर्क / Contact
pprakritirakshak@gmail.com

हम कौन हैं

एक विचार, जो गाँव-गाँव तक पहुँचाWho we are

प्रकृति रक्षक की शुरुआत कुछ ऐसे लोगों से हुई जिन्होंने अपने ही इलाक़े में बदलाव देखा — बरसात कम होती गई, चश्मे सूखते गए, जंगल की ज़मीन कचरे से भरती गई और गाँव के नौजवान काम की तलाश में शहर चले गए। सवाल सीधा था: अगर हम अपनी धरती की चिंता नहीं करेंगे, तो कौन करेगा?

आज संस्था का काम तीन बातों पर टिका है — प्रकृति का संरक्षण, समाज की सेवा और नागरिक दायित्व। हमारे लिए पेड़ लगाना और बच्चों को पढ़ाना दो अलग काम नहीं हैं; दोनों एक ही भविष्य की तैयारी हैं।

हम बड़े वादे नहीं करते। हम छोटे, टिकाऊ और स्थानीय काम करते हैं — एक जल स्रोत, एक स्कूल, एक पंचायत, एक परिवार के साथ शुरू करके।

हमारे बारे में और जानें

In short

Prakriti Rakshak is a volunteer-run organisation based in Chamba, Himachal Pradesh. We work with village communities, schools and local artisans on:

  • tree plantation, forest care and the revival of drying water sources;
  • waste segregation and plastic-free village campaigns;
  • education support for children and skill training for youth and women;
  • dignified livelihoods for craftspeople through Prakriti Handmade;
  • civic awareness — rights, duties and responsible citizenship.

Everything we do is planned with the community, not for it.

हमारे कार्य क्षेत्र

जहाँ हम काम करते हैंWhat we work on

हर कार्यक्रम स्थानीय ज़रूरत से निकलता है और स्थानीय लोगों के हाथों ही चलता है।

पर्यावरण संरक्षणEnvironment

पौधरोपण, जंगल की देखभाल, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और कचरा-मुक्त गाँव अभियान।

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कौशल एवं आजीविकाSkill & Livelihood

युवाओं और महिलाओं के लिए प्रशिक्षण, पारंपरिक शिल्प को बाज़ार से जोड़ने का काम।

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बच्चे और शिक्षाChildren & Education

गाँव के बच्चों के लिए पढ़ाई में सहयोग, पुस्तकालय और प्रकृति शिक्षा।

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महिला सशक्तिकरणWomen Empowerment

स्वयं सहायता समूह, स्वास्थ्य जागरूकता और आत्मनिर्भरता के अवसर।

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वरिष्ठ नागरिक सेवाSenior Citizens

अकेले रह रहे बुज़ुर्गों तक सहायता, स्वास्थ्य शिविर और सम्मान।

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जिम्मेदार नागरिकResponsible Citizen

अधिकार और कर्तव्य की समझ, स्वच्छता और नागरिक भागीदारी।

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प्रकृति देवो भवः Nature is divine · treat it so

यही वाक्य हमारे चिह्न पर लिखा है और यही हमारे हर काम की कसौटी है। जो धरती हमें साँस देती है, उसकी रक्षा करना दान नहीं — कर्तव्य है।

आप कैसे जुड़ सकते हैं

जुड़ने का रास्ता आसान रखा गया हैHow you can get involved

प्रकृति रक्षक का कोई भी काम बाहर से नहीं आता — वह किसी न किसी नागरिक के जुड़ने से शुरू होता है। नीचे दिए चार में से कोई भी रास्ता चुनिए।

  1. स्वयंसेवक बनें

    महीने में कुछ घंटे दीजिए — पौधरोपण, सफ़ाई अभियान, बच्चों की पढ़ाई या शिविर के आयोजन में। कोई अनुभव ज़रूरी नहीं, बस समय और नीयत चाहिए।

    Give a few hours a month at plantation drives, clean-ups, classes or camps.

    स्वयंसेवक फ़ॉर्म भरें ›
  2. राष्ट्र निर्माण दूत बनें

    अपने गाँव, मोहल्ले या कॉलेज में संस्था के काम की अगुवाई कीजिए। दूत अपने क्षेत्र में अभियान चलाते हैं और नए साथी जोड़ते हैं।

    Lead our work in your own village, ward or campus as a Nation Building Ambassador.

    दूत कार्यक्रम देखें ›
  3. कोई एक अभियान अपनाइए

    एक जल स्रोत, एक स्कूल या एक जंगल की देखभाल की ज़िम्मेदारी लीजिए — अकेले, परिवार के साथ या अपनी संस्था की ओर से।

    Adopt one spring, one school or one patch of forest and see it through.

    चल रहे अभियान ›
  4. सहयोग दीजिए

    पौधे, किताबें, दवाइयाँ, प्रशिक्षण सामग्री — हर सहयोग सीधे ज़मीन पर पहुँचता है। खर्च का ब्योरा रिपोर्ट पृष्ठ पर सार्वजनिक रहता है।

    Support in cash or kind. Every rupee is accounted for on our transparency page.

    सहयोग करने के तरीक़े ›

प्रकृति रक्षक संकल्प

जुड़ने के लिए किसी शुल्क या पद की ज़रूरत नहीं। ये पाँच बातें आज से निभाइए — आप हमारे साथी हैं।

  1. हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाऊँगा और उसे जीवित रखूँगा।
  2. प्लास्टिक का उपयोग घटाऊँगा और कचरा अलग-अलग करके ही डालूँगा।
  3. पानी और बिजली उतनी ही ख़र्च करूँगा जितनी ज़रूरत है।
  4. अपने आसपास के जल स्रोत, पेड़ और रास्ते साफ़ रखने में मदद करूँगा।
  5. स्थानीय कारीगर का बनाया सामान ख़रीदकर उसकी आजीविका का सहारा बनूँगा।

संकल्प लेकर जुड़ें

12,000+पौधे रोपे गए
45गाँवों में कार्य
1,800+पंजीकृत स्वयंसेवक
26जल स्रोत पुनर्जीवित

*आँकड़े अद्यतन किए जा रहे हैं · Figures are being verified and will be updated with the annual report.

आजीविका से जुड़ा हमारा प्रयास

प्रकृति हैंडमेडHandmade, by the hills

चम्बा की कढ़ाई, हाथ से बना काग़ज़, बाँस और ऊन का काम — यह हुनर हमारे इलाक़े की सबसे बड़ी पूँजी है, पर इसे बाज़ार कम ही मिलता है। प्रकृति हैंडमेड के ज़रिए हम कारीगरों को प्रशिक्षण, कच्चा माल और ख़रीदार से सीधा जुड़ाव देते हैं।

हर उत्पाद प्राकृतिक सामग्री से बनता है और उसकी कमाई का हिस्सा उसी गाँव के काम में वापस लगता है। ख़रीदना भी यहाँ एक तरह का सहयोग है।

उत्पाद देखें

ख़रीदने से क्या बदलता है

कारीगर को
पूरा और समय पर भुगतान, बिना बिचौलिए के।
गाँव को
बिक्री का एक हिस्सा स्थानीय पर्यावरण कार्य में।
प्रकृति को
प्राकृतिक कच्चा माल, कम पैकेजिंग, कोई प्लास्टिक नहीं।

समाचार एवं आगामी अभियान

अभी क्या चल रहा हैNews & upcoming campaigns

आगामी · Upcoming

मानसून पौधरोपण अभियान

बरसात के साथ इस वर्ष का पौधरोपण शुरू होगा। स्कूल, पंचायत और स्वयंसेवक मिलकर स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाएँगे।

विवरण ›
अभियान · Ongoing

जल स्रोत पुनर्जीवन

गाँवों के पुराने चश्मों और बावड़ियों की सफ़ाई तथा मरम्मत का काम स्थानीय समितियों के साथ जारी है।

विवरण ›
सूचना · Notice

स्वयंसेवक पंजीकरण खुला है

नए सत्र के लिए स्वयंसेवक पंजीकरण शुरू है। विद्यार्थी और सेवानिवृत्त नागरिक विशेष रूप से आमंत्रित हैं।

पंजीकरण ›

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वीणा सिंह — प्रकृति रक्षक की संस्थापक एवं अध्यक्ष

संस्थापक की ओर से

वीणा सिंहVeena Singh

संस्थापक एवं अध्यक्ष · Founder & Chairperson

प्रकृति रक्षक की शुरुआत एक साधारण से सवाल से हुई थी — जो धरती हमें सब कुछ देती है, हम उसे लौटा क्या रहे हैं? यही सवाल आज भी हमारे हर काम की पहली कसौटी है।

हम बड़े दावे नहीं करते। हमारा भरोसा उन नागरिकों पर है जो अपने गाँव, अपने मोहल्ले और अपने घर से शुरुआत करते हैं। आप भी इस प्रयास में साथ आइए — पहला कदम आपकी प्रतीक्षा कर रहा है।

“Our work begins with one question — what are we giving back to the earth that gives us everything?”

वीणा सिंह

आपका एक कदम, किसी गाँव की बड़ी राहत

चाहे समय दीजिए, हुनर दीजिए या सहयोग — हर योगदान सीधे ज़मीन पर काम आता है।